(संजीव ठाकुर) राजधानी दिल्ली: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने हत्या, लूट, रंगदारी और सुपारी किलिंग जैसे 30 से अधिक संगीन मामलों में वांछित, यूपी का कुख्यात अपराधी सौरव उर्फ़ सोहराब उर्फ़ सौरभ को कोलकाता से गिरफ्तार कर एक बड़ी सफलता हासिल की है। यह अपराधी पिछले 20 वर्षों से यूपी और दिल्ली में आतंक का दूसरा नाम बन चुका था,
38 वर्षीय सौरव तिहाड़ जेल से 19 मई 2025 को फरलो पर बाहर आया था, लेकिन अवधि पूरी होने के बाद वह सरण्डर नहीं हुआ और पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था,स्पेशल सेल/सदर्न रेंज की यह कार्रवाई इंस्पेक्टर पवन कुमार और इंस्पेक्टर सतविंदर के नेतृत्व में, एसीपी नीरज कुमार की कड़ी निगरानी में की गई, सबसे पहले समर्पित टीम ने शाहदरा (दिल्ली) में उसके संभावित ठिकानों पर काम किया। इसके बाद जांच का फोकस लखनऊ की ओर मुड़ा—जहां सौरव को “सीरियल किलर” के नाम से जाना जाता है,
तफ्तीश फिर बराबंकी, बहराइच, मुरादाबाद, नानपारा (भारत-नेपाल बॉर्डर) से होती हुई कोलकाता तक पहुंची,इसी बीच स्पेशल सेल को गुप्त सूचना मिली कि सौरव आपने एक साथी के साथ कोलकाता के बिधान नगर स्थित एक क्लिनिक में आने वाला है,स्पेशल सेल की टीम पहले से ही घेराबंदी कर चुकी थी। आरोपी जैसे ही देखा गया, उसे रुकने का संकेत दिया गया। खुद को घिरा देखकर वह भागने लगा, लेकिन पुलिस टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया |
20 साल का खूनी इतिहास—सौरव क्यों कहलाता है ‘सीरियल किलर :2005 से अपराध की शुरुआत, छोटे भाई शहजादा की मौत का बदला लेने के लिए लखनऊ में कई सनसनीखेज हत्याएं कीं,2007 में ट्रिपल मर्डर केस की पेशी के दौरान पुलिस हिरासत से फरार हो गया,लखनऊ के सदर कैंट थाने का घोषित हिस्ट्रीशीटर, यूपी के टॉप-10 अपराधियों में शामिल,दिल्ली और यूपी में 30+ केस—हत्या, हत्या का प्रयास, लूट, रंगदारी, सुपारी किलिंग,सौरव जेल में रहते हुए भी इलाहाबाद, वाराणसी, कानपुर और लखनऊ के व्यापारियों से रंगदारी वसूलता रहा,उसके नेटवर्क को मुक़्तार अंसारी का संरक्षण भी मिलता था,स्पेशल सेल ने उसे 18 नवंबर 2025 को कोलकाता से गिरफ्तार कर 19 नवंबर को अदालत में पेश किया। अदालत से 3 दिन का ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद अब उसे दिल्ली लाया जा रहा है, पुलिस सूत्रों की माने तो जैसे जैसे जांच आगे बढ़ेगी कई और अहम खुलासे हो सकते हैं।
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