लाल किले के पास धमाका: Delhi Shocked after Red Fort Blast, सरकार अब तक जिम्मेदारी पर मौन
नई दिल्ली, 12 नवंबर: राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले के पास हुआ Red Fort Blast पूरे देश को दहला गया। 10 नवंबर की शाम हुई इस भीषण घटना में कई निर्दोष लोगों की मौत हो गई, जबकि कई गंभीर रूप से घायल हैं। फिलहाल जांच एजेंसियां इस Delhi Blast की जांच में जुटी हैं, लेकिन अब तक किसी आतंकी संगठन ने इस Red Fort Blast की जिम्मेदारी नहीं ली है।
कैबिनेट बैठक में शोक और दो मिनट का मौन
प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस Red Fort Blast पर गहरा दुख जताया गया। बैठक की शुरुआत मृतकों के सम्मान में दो मिनट के मौन से हुई।
कैबिनेट ने इस हमले को देश विरोधी ताकतों द्वारा रचा गया जघन्य अपराध बताया और मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
सरकार ने चिकित्सा कर्मियों और आपात सेवाओं की तत्परता की सराहना की और कहा कि भारत आतंकवाद के खिलाफ अपनी Zero Tolerance Policy पर कायम रहेगा।
जांच के निर्देश, पर जवाब अब तक नहीं
कैबिनेट ने निर्देश दिया है कि इस Red Fort Blast की जांच शीघ्रता और पेशेवर तरीके से की जाए। हालांकि, अब तक सरकार ने किसी संभावित संगठन का नाम नहीं लिया है और न ही किसी समूह ने जिम्मेदारी स्वीकार की है।
इस चुप्पी ने कई सवाल खड़े किए हैं —
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क्या जांच एजेंसियों के पास अभी तक कोई ठोस सुराग नहीं है?
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या सरकार जांच पूरी होने तक जानकारी साझा नहीं करना चाहती?
सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, Red Fort के आसपास सर्च ऑपरेशन
धमाके के बाद Red Fort और आसपास के इलाकों में High Alert जारी कर दिया गया है।
जांच टीमें CCTV फुटेज खंगाल रही हैं और फॉरेंसिक विशेषज्ञ सबूत जुटा रहे हैं।
सरकार ने दोहराया है कि नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और देश की एकता व संप्रभुता की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।
निष्कर्ष
यह Red Fort Blast in Delhi न केवल एक गंभीर सुरक्षा चुनौती है बल्कि यह सरकार की जवाबदेही पर भी सवाल उठाता है।
देश की जनता यह जानना चाहती है कि इस Delhi Blast के पीछे कौन-सी ताकतें हैं और कब तक दोषियों को सज़ा मिलेगी।
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लाल किले के पास धमाका — सुरक्षा व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न, आखिर जिम्मेदार कौन?







