(संजीव ठाकुर) राजधानी दिल्ली:PM Modi Constitution Day Address प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संविधान दिवस के अवसर पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि भारत का संविधान न केवल अधिकार देता है, बल्कि हर नागरिक को सपने देखने और उन्हें पूरा करने की शक्ति भी प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि संविधान हमारी राष्ट्रीय एकता, लोकतांत्रिक व्यवस्था और निरंतर प्रगति का आधार है|
संविधान ने साधारण नागरिक को दी ऊँचाइयाँ छूने की शक्ति
प्रधानमंत्री ने 26 नवंबर 1949 को संविधान अपनाए जाने के ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित करते हुए बताया कि 2015 में एनडीए सरकार ने इस दिन को “संविधान दिवस” घोषित किया, ताकि संविधान की गरिमा और उससे जुड़े मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाया जा सके,प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश के संविधान की बदौलत साधारण परिवार से आने वाला व्यक्ति भी सर्वोच्च पद तक पहुंच सकता है,उन्होंने अपनी राजनीतिक यात्रा को याद करते हुए कहा कि 2014 में पहली बार संसद में प्रवेश करते समय उन्होंने संसद की सीढ़ियों को नमन किया और 2019 में संविधान की प्रति को माथे पर रखकर सम्मान प्रकट किया,उन्होंने कहा कि संविधान ने न केवल उन्हें, बल्कि लाखों भारतीयों को आगे बढ़ने और देश के निर्माण में योगदान देने की शक्ति दी है. प्रधानमंत्री ने डॉ. राजेंद्र प्रसाद, डॉ. भीमराव अंबेडकर और संविधान सभा के अन्य सदस्यों को याद करते हुए कहा कि उनके दूरदर्शी विचारों ने भारत को मजबूत लोकतंत्र दिया,उन्होंने विशेष रूप से संविधान सभा की महिला सदस्यों का उल्लेख किया, जिनकी विचारशीलता और निर्णायक हस्तक्षेपों ने दस्तावेज़ को और समृद्ध बनाया,प्रधानमंत्री ने बताया कि 2010 में संविधान के 60 वर्ष पूरे होने पर गुजरात में ‘संविधान गौरव यात्रा’ आयोजित की गई |
हाल के वर्षों के ऐतिहासिक क्षण
जिसमें संविधान की प्रति को हाथी पर रखकर सम्मानित किया गया—यह सद्भाव, आभार और लोकतांत्रिक भावना का प्रतीक था,साथ ही, संविधान के 75 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित विशेष सत्र और कार्यक्रमों को अभूतपूर्व जनभागीदारी करार दिया मोदी ने कहा कि इस वर्ष का संविधान दिवस और भी खास है, क्योंकि,सरदार वल्लभभाई पटेल और भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती मनाई जा रही है,वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ भी इसी वर्ष है,श्री गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहादत वर्षगांठ भी हमें साहस और कर्तव्य की याद दिलाती है,उन्होंने कहा कि सरदार पटेल की दूरदर्शिता ने भारत का राजनीतिक एकीकरण संभव किया, और अनुच्छेद 370 व 35(A) हटाने के फैसले ने जम्मू-कश्मीर में संविधान को पूर्ण रूप से लागू किया, जिससे महिलाओं और वंचित समुदायों को समान अधिकार प्राप्त हुए,प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से संविधान के अनुच्छेद 51(A) का उल्लेख करते हुए कहा कि मौलिक कर्तव्यों का पालन राष्ट्र की प्रगति की आधारशिला है।
महत्वपूर्ण वर्षगाँठें और राष्ट्रीय प्रेरणा
उन्होंने महात्मा गांधी का उदाहरण देते हुए कहा कि अधिकार तभी मिलते हैं, जब नागरिक अपने कर्तव्यों का पालन करते हैं,मोदी ने कहा कि 2049 में संविधान अपनाए जाने के 100 वर्ष पूर्ण होंगे, इसलिए आने वाले दशक में लिए जाने वाले निर्णय और नीतियां आने वाली पीढ़ियों का भविष्य तय करेंगी,प्रधानमंत्री ने नागरिकों से मतदान को अपना कर्तव्य मानने की अपील की,उन्होंने कहा कि हर नागरिक स्थानीय, राज्य और राष्ट्रीय चुनावों में वोट अवश्य डाले,उन्होंने सुझाव दिया कि स्कूल और कॉलेज 26 नवंबर को 18 वर्ष के नए मतदाताओं के लिए विशेष समारोह आयोजित करें, ताकि युवाओं में लोकतांत्रिक भागीदारी का भाव मजबूत हो,प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य तभी संभव होगा जब हर नागरिक अपने कर्तव्यों को सर्वोपरि रखे और हर कार्य संविधान के सम्मान में किया जाए,उन्होंने सभी से आह्वान किया कि संविधान निर्माताओं के सपनों को साकार करते हुए राष्ट्र के हितों को प्राथमिकता दें।PM Modi Constitution Day Address ने देश को यह संदेश दिया कि संविधान केवल दस्तावेज़ नहीं, बल्कि भारत की शक्ति, समानता और विकास का मार्गदर्शक है।
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