(संजीव ठाकुर) कांगड़ा/नूरपुर: हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा की तहसील नूरपुर के दूरदराज गाँव पलाहड़ी में स्थित राजकीय प्राथमिक पाठशाला में नर्सरी कक्षा के लिए अलग कमरे के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा निदेशालय ने कांगड़ा उप निदेशक (प्रारम्भिक शिक्षा) को तुरंत कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं। यह कदम Palahdi School Nursery Classroom व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया जा रहा है।
दरअसल, दिल्ली निवासी मान्यता प्राप्त पत्रकार संजीव ठाकुर ने 4 अक्टूबर 2025 को शिक्षा सचिव, हिमाचल प्रदेश को पत्र लिखकर स्कूल में नर्सरी कक्षा के लिए अलग कमरे की कमी का मुद्दा उठाया था। पत्र में बताया गया कि छोटे बच्चों को अन्य कक्षाओं के साथ बैठाना पड़ रहा है, जिससे उनकी सुरक्षा और पढ़ाई दोनों प्रभावित हो रही हैं। यह मामला शिक्षा सचिवालय से होते हुए निदेशालय तक पहुँचा, जहाँ इसे गंभीरता से लिया गया।
शिक्षा निदेशालय के अतिरिक्त निदेशक (स्कूल) द्वारा 13 नवंबर 2025 को जारी पत्र में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि उप निदेशक कांगड़ा मौके पर जाकर निरीक्षण करें। यदि Palahdi School Nursery Classroom के लिए अलग कमरे की वास्तविक आवश्यकता पाई जाए, तो SSA (सर्व शिक्षा अभियान) के तहत जुलाई में भेजे गए छात्र नामांकन और कमरों की कमी के आँकड़ों के आधार पर अनुमान तैयार कर शीघ्र प्रस्ताव भेजें, ताकि बजट स्वीकृति के बाद निर्माण आरंभ हो सके।
स्कूल स्टाफ और ग्रामीणों ने इस पहल का स्वागत किया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नन्हे बच्चों को बड़ी कक्षाओं के साथ बैठाना न तो सुरक्षित है और न ही शैक्षणिक रूप से उचित। अलग कमरा बनने से बच्चों को बेहतर, सुरक्षित और अनुकूल सीखने का वातावरण मिलेगा।
पत्रकार संजीव ठाकुर ने भी इस निर्णय पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा, “ग्रामीण बच्चों की शिक्षा को बेहतर बनाना हम सबकी जिम्मेदारी है। खुशी है कि प्रशासन ने तुरंत संज्ञान लिया और कार्यवाही शुरू की।”
यह मामला दर्शाता है कि जागरूक नागरिक, मीडिया और संवेदनशील प्रशासन मिलकर शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर दिशा दे सकते हैं।
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