(संजीव ठाकुर) दिल्ली/ चम्बा: प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत चूड़ी से बकल सड़क निर्माण कार्य के चलते क्षेत्र में उठ रही अत्यधिक धूल ने ग्रामीणों के स्वास्थ्य और जीवन-यापन को संकट में डाल दिया है। इसी मुद्दे को लेकर बकल वार्ड के प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त चंबा को शिकायत पत्र सौंपते हुए तत्काल समाधान की मांग की है,स्थानीय निवासियों का कहना है कि निर्माण स्थल से उठने वाली धूल इतनी अधिक है कि घरों के भीतर भी रहना चुनौतीपूर्ण हो गया है।क Chudi–Bakal road construction dust pollution की वजह से हालात हर दिन और खराब होते जा रहे हैं।
स्वास्थ्य पर सीधा प्रभाव
रोजमर्रा की वस्तुओं पर धूल जमना आम बात हो गई है, जिससे स्वच्छता और स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है। ग्रामीण बताते हैं कि खिड़कियाँ खुली रखें तो धूल घर में भर जाती है, और बंद रखें तो दमघोंटू वातावरण बन जाता है.स्वास्थ्य पर सीधा खतरा: स्थिति का सबसे ज्यादा असर बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा जैसी सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों पर पड़ रहा है। आंखों में जलन, खांसी और सांस लेने में कठिनाई जैसी शिकायतें बढ़ रही हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित विभागों को बार-बार अवगत करवाने के बावजूद किसी भी स्तर पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई |
राजनीतिक चुप्पी पर सवाल
ग्रामीणों का राजनीतिक तंत्र पर सवाल—वोट के समय सब आते हैं, लेकिन समस्या पर सब मौन: ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि वोट के समय या राजनीतिक लाभ के लिए सभी राजनीतिक दलों के नेता गांव पहुंच जाते हैं, लेकिन जब बात जन स्वास्थ्य और वास्तविक समस्याओं की आती है, तो कोई भी राजनीतिक पार्टी ग्रामीणों के साथ खड़ी नहीं होती,स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस बार भी राजनीतिक दलों की सक्रियता केवल भाषणों तक सीमित है, जबकि धूल प्रदूषण से जीवन प्रभावित करने वाली समस्या पर कोई भी नेता ठोस कदम उठाने के लिए सामने नहीं आया,ग्रामीणों ने बताया कि हमेशा की तरह अखिल भारतीय गद्दी विकास समिति ही इस मुद्दे को सार्वजनिक रूप से उठाने, ग्रामीणों की आवाज को बुलंद करने और अधिकारियों तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभा रही है।
ग्रामीणों की मुख्य मांगें
ग्रामीणों का कहना है कि अगर यह संगठन आगे न आता तो उनकी समस्याओं की सुनवाई भी नहीं होती. ग्रामीणों की मुख्य मांगें: सड़क निर्माण क्षेत्र में नियमित और पर्याप्त पानी का छिड़काव सुनिश्चित किया जाए,निर्माण से निकली मिट्टी व मलबे का सुरक्षित और व्यवस्थित प्रबंधन किया जाए,धूल नियंत्रण हेतु तकनीकी संसाधन व उपकरण लगाए जाएं,सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्रों में अस्थायी बैरिकेड या कवरिंग लगाई जाए ताकि धूल का फैलाव कम हो,ग्रामीणों ने कहा कि सड़क निर्माण विकास का प्रतीक है, लेकिन यदि इससे स्थानीय आबादी का स्वास्थ्य खतरे में पड़े, तो यह विकास नहीं बल्कि मजबूरी में सहन किया गया बोझ है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप और समयबद्ध समाधान लागू करने की मांग की है।लोगों के मुताबिक Chudi–Bakal road construction dust pollution की वजह से हालात हर दिन और गंभीर हो रहे हैं।
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